• इस योजना बनाकर 1998में देहरादून में प्रतिष्ठान द्वारा शुरू किया गया। आज अनेक महानगरों में नगर निगम द्वारा संचालित हो रही है।
• गांवों की प्रगति के लिए आधारभूत आवश्यकता को रेखांकित करते हुए इस योजना को हमारे उपाध्यक्ष श्री वी.सी. अग्रवाल सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता ने बनाया था जिसे उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन लोकनिर्माण मंत्री आ कलराज मिश्र ने ‘‘दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण संपर्क मार्ग योजना‘‘ के नाम से लागू किया तथा बाद में आ० अटल बिहारी वाजपेई जी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण संपर्क मार्ग योजना के नाम से लागू किया।
• इस योजना को प्रतिष्ठान ने बनाकर दिया गया जिसका पायलट प्रोजेक्ट बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ में चल रहा है। एक ही साथ एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, सभी खून की जरूरी जांच की जाती है और पूरे 1 साल मरीज को चिकित्सीय उपचार किया जाता है।
• किसानों को सीधे सब्सिडी सीधे दी जाय इस सम्बन्ध में हमारे किसान मेले के स्मारिका में 2002मे दिखा गया उसके बाद दैनिक जागरण, फिर दिल्ली में सभी प्रदेशों के मुखपत्र के सम्मेलन में कृषि नीति के सेमिनार में प्रस्तुत किया गया था।
• महापुरुषों की जन्मदिन पर अवकाश, दीनदयाल उपाध्याय जी को माध्यमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने के संबंध में, विश्व विद्यालयों में शोध पीठ स्थापित करने के संबंध में, (यद्यपि यह प्रयास पहले से चल रहा था।)
• दीन दयाल उपाध्याय जी का शव जिस रेलवे स्टेशन से प्राप्त हुआ था उस मुगल सराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल जी के नाम पर किया जाना स्वीकार किया।
• अभी नालंदा विश्वविद्यालय को तोड़ने और जलाने वाले मुगल बख्तियार खिलजी के नाम से बने बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का बदलने का प्रयास चल रहा है।